संदेश

Trending news लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Fake News: दिवाली बोनस बंद नहीं, सिर्फ गिफ्ट पर रोक का आदेश

चित्र
 सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि वित्त मंत्रालय ने सरकारी कर्मचारियों का दिवाली बोनस बंद कर दिया है। यह दावा पूरी तरह भ्रामक और फेक है।---                             असली आदेश क्या है? वित्त मंत्रालय के Department of Public Enterprises (DPE) की ओर से 17 सितम्बर को एक पत्र जारी किया गया। इस पत्र में कहा गया है कि केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSUs) में त्योहारों के मौके पर गिफ्ट और उपहार देने की परंपरा को खत्म किया जाए। 👉 इसका मकसद है सरकारी पैसों का सही उपयोग और अनावश्यक खर्चों पर रोक। --- फेक खबर कैसे फैली? सोशल मीडिया पर कुछ ग्रुप्स और पेजों ने इस पत्र को गलत संदर्भ में शेयर किया।                 साथ ही, वित्त मंत्री की फोटो लगाकर यह संदेश फैलाया गया कि “सरकार ने दिवाली बोनस बंद कर दिया”। असल पत्र में “बोनस” शब्द का कहीं भी जिक्र नहीं है। --- तथ्य क्या है? ✔️ पत्र केवल त्योहारों पर गिफ्ट/तोहफे देने पर रोक की सलाह देता है। ❌ इसमें कर्मचारियों के दिवाली बोनस पर क...

एनपीएस से 80% रकम निकालने का नया प्रस्ताव | Pension Fund NPS News

चित्र
 नई दिल्ली। पेंशन फंड विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) से जुड़ा बड़ा प्रस्ताव रखा है। इसके तहत निवेशकों को रिटायरमेंट पर 80 प्रतिशत तक की राशि एकमुश्त निकालने की सुविधा मिलेगी। शेष 20 प्रतिशत राशि से एन्यूटी खरीदना अनिवार्य होगा, ताकि नियमित पेंशन जारी रह सके।             अभी तक निजी क्षेत्र के निवेशक केवल 60 प्रतिशत रकम ही एकमुश्त निकाल सकते थे और 40 प्रतिशत से एन्यूटी खरीदना अनिवार्य था। नए प्रस्ताव से निवेशकों को अधिक लचीलापन और धन प्रबंधन की स्वतंत्रता मिलेगी। नियामक ने निजी क्षेत्र के अंशधारकों को 15 साल निवेश करने के बाद पूरी राशि निकालने या स्कीम से बाहर जाने का विकल्प देने का सुझाव भी दिया है। इसके अलावा, एनपीएस से जुड़ने और बाहर निकलने की आयु सीमा 70 साल से बढ़ाकर 75 साल करने का प्रस्ताव है। वहीं, अधिकतम आयु सीमा 75 से बढ़ाकर 85 साल करने की योजना पर भी विचार चल रहा है। निवेश अवधि के दौरान आंशिक निकासी की सीमा भी बढ़ाई जाएगी। वर्तमान में यह केवल 3 बार है, लेकिन नए प्रस्ताव के अनुसार 6 बार निकासी की अनुमति मिल...

इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: अब बिना B.Ed डिग्री वालों की भर्ती नहीं, कंप्यूटर शिक्षक पर रोक

चित्र
 👉 उत्तर प्रदेश के शिक्षकों और अभ्यर्थियों के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी खबर आई है। कोर्ट ने साफ कहा है कि अब बिना B.Ed डिग्री वाले उम्मीदवारों की सरकारी शिक्षक भर्ती नहीं होगी।                📌 फैसले का असर: खास तौर पर कंप्यूटर शिक्षक भर्ती (Assistant Teacher – Computer Subject) पर रोक लगा दी गई है। जिन उम्मीदवारों के पास B.Ed डिग्री नहीं है, उनकी नियुक्ति अब नहीं की जाएगी। कोर्ट ने शिक्षा विभाग को आदेश दिया है कि जब तक B.Ed की अनिवार्यता पर नियम स्पष्ट न हो, तब तक नियुक्ति रोकी जाए। 👉 इस फैसले से हजारों अभ्यर्थियों पर असर पड़ेगा, क्योंकि पहले कई पदों पर केवल ग्रेजुएशन या कंप्यूटर की डिग्री ही पर्याप्त मानी जाती थी। 🔹 अगली सुनवाई: कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी है। फिलहाल नियुक्ति प्रक्रिया रोकी गई है और शिक्षा विभाग को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। --- Source Link: India Today रिपोर्ट Navbharat Times रिपोर्ट

NPS (नेशनल पेंशन स्कीम) में बदलाव – अब मिलेगा ज्यादा मुनाफा कमाने का मौका

चित्र
नई दिल्ली। नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) में निवेश करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। 1 अक्टूबर 2025 से नियम बदलने वाले हैं। इन बदलावों के बाद निवेशकों को ज्यादा मुनाफा कमाने का मौका मिलेगा। क्या बदलेगा नियम? 👉 अभी तक NPS में कोई भी निवेशक अपनी रकम का अधिकतम 75% हिस्सा ही शेयर बाज़ार (इक्विटी) में लगा सकता था। 👉 लेकिन 1 अक्टूबर से निवेशक अपनी रकम का पूरे 100% तक हिस्सा इक्विटी में निवेश कर पाएंगे। 👉 यह सुविधा खास तौर पर 45 साल तक की उम्र के निवेशकों के लिए होगी।                      🔗 स्रोत: हिंदुस्तान अख़बार (आज का अंक) क्यों है यह बदलाव फायदेमंद?       📌 इक्विटी यानी शेयर बाज़ार में निवेश का रिटर्न लंबे समय में ज्यादा मिलता है। 📌 पहले केवल 75% तक ही निवेश की सीमा थी, लेकिन अब पूरी रकम लगाने की छूट मिल जाएगी। 📌 इससे युवा निवेशकों को लंबी अवधि (Long Term) में अच्छा मुनाफा मिलेगा और रिटायरमेंट प्लान और भी मजबूत होगा। ध्यान देने वाली बात ✅ शेयर बाज़ार में जोखिम भी होता है, लेकिन लंबी अवधि में इससे बेहतर रिटर्न मिलने की...

आंगनबाड़ी बहनों को मिलेगा बड़ा मानदेय और स्मार्टफोन: योगी

चित्र
 लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि अब आंगनबाड़ी बहनों को बढ़ा हुआ मानदेय मिलेगा और उन्हें स्मार्टफोन भी दिए जाएंगे।                    क्या कहा मुख्यमंत्री योगी ने? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मेहनत और सेवाओं को देखते हुए उनका मानदेय बढ़ाने का फैसला ले चुकी है। साथ ही, उन्हें तकनीक से जोड़ने और काम को आसान बनाने के लिए स्मार्टफोन भी उपलब्ध कराए जाएंगे। क्यों किया गया यह ऐलान? 👉 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका बच्चों और माताओं के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी होती है। 👉 सरकार का मानना है कि स्मार्टफोन मिलने से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी और रिपोर्टिंग का काम करने में आसानी होगी। 👉 बढ़े हुए मानदेय से उन्हें आर्थिक मजबूती भी मिलेगी। सरकार का लक्ष्य 📌 राज्य में आंगनबाड़ी सेवाओं को और अधिक प्रभावी व आधुनिक बनाना। 📌 बच्चों व माताओं को पोषण योजनाओं का अधिक लाभ पहुँचान...

दंपति शिक्षकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण हेतु स्पाउस टीचर्स एसोसिएशन ने किया मुख्यमंत्री से अनुरोध

चित्र
 लखनऊ, 16 सितंबर 2025 — स्पाउस टीचर्स एसोसिएशन (दंपति शिक्षक संघ) ने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दंपति शिक्षकों के एक ही जनपद/गृह-जनपद में अंतरजनपदीय स्थानांतरण की मांग की है। संगठन ने बताया कि वर्तमान में पति-पत्नी अलग-अलग जनपदों में तैनात रहने के कारण पारिवारिक जीवन, बच्चों का पालन-पोषण और शैक्षिक कर्तव्यों का पालन प्रभावित हो रहा है। माननीय मुख्यमंत्री जी को इस पर जरूर विचार करना चाहिए। स्पाउस टीचर्स एसोसिएशन (दंपति शिक्षक संघ) का मुख्यमंत्री को लिखा अनुरोध पत्र — 16 सितंबर 2025 पत्र की मुख्य माँगे और बिंदु: दंपति शिक्षकों के पारिवारिक और शैक्षिक हितों को देखते हुए इन्हें एक-ही जनपद/गृह-जनपद में स्थानांतरित करने की नीति बनाए जाए। स्थानांतरण से शिक्षक परिवारों की स्थिरता बढ़ेगी और शैक्षिक कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा। संगठन ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि दंपति शिक्षकों के लिए विशेष स्थानांतरण प्रावधान तत्काल लागू कराए जाएँ। पत्र पर संघ के पदाधिकारियों — राजेश कुमार त्रिपाठी (अध्यक्ष), ज्ञान प्रकाश (उपाध्यक्ष), सुनील कुमार यादव (कोषाध्यक्ष), मोहम...

TET पर यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई पुनर्विचार याचिका hindustan report

चित्र
 लखनऊ, 17 सितम्बर 2025: सुप्रीम कोर्ट द्वारा सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी (Teacher Eligibility Test) अनिवार्य करने के आदेश के खिलाफ यूपी सरकार ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। सरकार का कहना है कि पहले से नियुक्त शिक्षकों पर यह नियम लागू करना व्यावहारिक नहीं है और इससे हजारों शिक्षकों की नौकरी पर संकट आ सकता है। 📌 Source: Hindustan Newspaper (17 सितम्बर 2025) 📌 पृष्ठभूमि: 13 सितम्बर को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि प्रदेश में सभी शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य होगा। इस फैसले से कार्यरत शिक्षकों में चिंता बढ़ गई थी और संगठनों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की थी। ⚖️ सरकार की दलील: सेवा में कार्यरत शिक्षकों ने नियुक्ति के समय सभी योग्यताएं पूरी की थीं, इसलिए अब नए नियम थोपना अनुचित है। राज्य ने कोर्ट से आदेश पर पुनर्विचार कर राहत देने की मांग की है। 👩‍🏫 शिक्षकों की उम्मीदें: प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षक इस याचिका को लेकर आशान्वित हैं। उनका कहना है कि अगर कोर्ट पुनर्विचार करता है तो उनकी नौकरी सुरक्षित रहेगी और शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं होगा। 🚨 आगे क्या: सुप्रीम कोर्ट इ...

✳️ ब्रेकिंग: मोनिका रानी को बेसिक एजुकेशन विभाग में नई जिम्मेदारी — मीडिया रिपोर्ट्स

  लखनऊ, 16 सितम्बर 2025: मीडिया रिपोर्ट्स और विभिन्न पोर्टलों के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में हुए प्रशासनिक फेरबदल में बहराइच की पूर्व डीएम मोनिका रानी को नई जिम्मेदारी सौंपी है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उन्हें विशेष सचिव, बेसिक शिक्षा विभाग (Special Secretary, Basic Education Department) तथा अपर महानिदेशक (Additional Director General), स्कूल एजुकेशन, लखनऊ का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। ---क्या कहा जा रहा है? कई मीडिया रिपोर्ट्स ने लिखा है कि बेसिक शिक्षा विभाग में मोनिका रानी की तैनाती हुई है। कुछ रिपोर्ट्स में “Special Secretary” और “ADG School Education” का जिक्र है। आधिकारिक आदेश (PDF/Gazette) फिलहाल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। ---क्या असर हो सकता है? अगर यह नियुक्ति सही साबित होती है, तो बेसिक शिक्षा विभाग में नीतिगत फैसलों और सुधारों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, आधिकारिक पुष्टि का इंतज़ार है। --- Disclaimer - यह समाचार विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। जानकारी की शुद्धता और प्रामाणिकता के लिए मूल स्रोत को...

"TET अनिवार्यता: योगी सरकार ने दिए रिविजन दाखिल करने के निर्देश, संदीप सिंह का बड़ा बयान"

चित्र
 लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सेवाकालीन शिक्षकों से जुड़ी एक अहम पहल करते हुए TET (Teacher Eligibility Test) अनिवार्यता के मुद्दे पर बड़ा कदम उठाया है। 📷 Image Source: Twitter/@thisissanjubjp बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने ट्वीट कर बताया कि माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि सेवाकालीन शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता संबंधी माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश पर रिविजन दाखिल किया जाए। ✍️ शिक्षकों के योगदान पर जोर संदीप सिंह ने अपने ट्वीट में कहा कि प्रदेश के शिक्षकों ने अपनी निष्ठा और सेवाभाव से न केवल शिक्षा का प्रसार किया है, बल्कि पीढ़ियों को संस्कारित कर राष्ट्र निर्माण की आधारशिला को मजबूत किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षकों का अनुभव और उनकी योग्यता, शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण में अत्यंत महत्वपूर्ण है। ✍️ सरकार का रुख उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षकों के हित-संरक्षण हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है और शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में लगाता...

Big ब्रेकिंग न्यूज़: टीईटी प्रकरण पर यूपी सरकार करेगी सुप्रीम कोर्ट में रिवीजन

चित्र
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि टीईटी (Teacher Eligibility Test) अनिवार्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में रिवीजन दाखिल किया जाए। मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रदेश के शिक्षक अनुभवी और प्रशिक्षित हैं। उनकी योग्यता और वर्षों की सेवा को नजरअंदाज करना उचित नहीं होगा। 👉 सीएम का यह बयान उन लाखों शिक्षकों के लिए राहत की खबर है जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद असमंजस में थे। 📸 Official Screenshot: CM Office GoUP (Twitter/X) --- क्या है मामला? 1 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षक तभी सेवा में बने रह सकेंगे और पदोन्नति पा सकेंगे, जब वे टीईटी पास करेंगे। इस फैसले से प्रदेश के लाखों शिक्षक प्रभावित हुए हैं। ---शिक्षकों को राहत की उम्मीद सीएम योगी के इस निर्णय से अब शिक्षकों को उम्मीद जगी है कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखेगी और पहले से कार्यरत शिक्षकों को राहत दिलाने की कोशिश करेगी।

सुप्रीम कोर्ट आदेश के बाद यूपी में टीईटी पर मचेगा घमासान, सरकार बना रही रणनीति, क्या होगा असर

चित्र
 सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद उत्तर प्रदेश में टीईटी (Teacher Eligibility Test) को लेकर हलचल तेज हो गई है। अदालत ने साफ कर दिया है कि कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षक तभी सेवा में बने रहेंगे और पदोन्नति पा सकेंगे, जब वे टीईटी पास करेंगे। इस फैसले से प्रदेश के लाखों शिक्षकों में असमंजस की स्थिति है। लाखों शिक्षकों का भविष्य अंधेरे में जा सकता है। -- सुप्रीम कोर्ट का आदेश 1 सितंबर 2025 को आए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देशभर में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए टीईटी पास होना अनिवार्य होगा। 👉 आदेश लागू होने के बाद, प्रदेश के हजारों शिक्षक अब नौकरी और पदोन्नति को लेकर चिंतित हैं। ---यूपी सरकार की तैयारी प्रदेश सरकार इस फैसले से प्रभावित शिक्षकों को राहत देने के विकल्प तलाश रही है। शिक्षा विभाग ने इस मामले में प्रस्ताव तैयार करना शुरू कर दिया है। न्याय विभाग से कानूनी राय ली जा रही है। सरकार सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने और अन्य राज्यों के रुख को परखने पर विचार कर रही है। सरकार को बीच का रास्ता निकालना ही पड़ेगा। --- कितने श...

TET आदेश के बाद शिक्षकों के सामने विकल्प और उम्मीदें जिससे कुछ राहत की उम्मीद है

चित्र
 📌 सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश ने देशभर के शिक्षकों में हलचल मचा दी है। आदेश में कहा गया है कि अब सभी सेवारत व भावी शिक्षक के लिए TET (Teacher Eligibility Test) पास करना अनिवार्य होगा।--- ⚖️ आदेश की मुख्य बातें सभी शिक्षकों को TET पास करना होगा। जिन शिक्षकों की सेवा अवधि (रिटायरमेंट तक) 5 वर्ष से कम बची है, उन्हें तुरंत से बाहर नहीं किया जाएगा। ये आदेश पूर्णतया व्यावहारिक नहीं है। इतनी साल सर्विस करने के बाद शिक्षकों के साथ ये सब होना बिल्कुल भी उचित नहीं है। राज्यों को आदेश लागू करने से पहले उचित व्यवस्था बनाने का समय दिया गया है।--- ✍️ शिक्षकों के सामने विकल्प 1. Review Petition / पुनर्विचार याचिका राज्य सरकारें और शिक्षक संगठन सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर सकते हैं। मांग यह होगी कि पुराने शिक्षकों पर नए नियम पिछली तारीख से लागू करना न्यायसंगत नहीं है। 2. विशेष TET या राहत परीक्षा संगठन सरकार से मांग कर सकते हैं कि पुराने शिक्षकों के लिए अलग परीक्षा या आसान व्यवस्था बने। परीक्षा का सिलेबस हल्का हो, आवेदन प्रक्रिया सरल हो। 3. केंद्र सरकार से हस्तक्षेप राज्य सरकारें...