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जिले में एकल या शिक्षकविहीन हुए विद्यालयों के शिक्षक लौटेंगे अपने मूल विद्यालय

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📢 स्थानांतरण से विद्यालय एकल हुए तो आदेश निरस्त — बीएसए रणवीर सिंह का निर्देश ललितपुर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रणवीर सिंह ने एक अहम आदेश जारी करते हुए उन शिक्षकों के स्थानांतरण निरस्त कर दिए हैं जिनके जाने से उनके मूल विद्यालय एकल विद्यालय बन गए हैं। 13 अक्टूबर 2025 को जारी आदेश में कहा गया है कि जिन विद्यालयों से शिक्षक का स्थानांतरण किया गया था और उनके जाने के बाद विद्यालय में कोई अन्य शिक्षक शेष नहीं रहा, ऐसे मामलों में संबंधित शिक्षकों का स्थानांतरण अमान्य (रद्द) माना जाएगा। बीएसए रणवीर सिंह ने निर्देश दिया है कि ऐसे सभी शिक्षक अपने मूल विद्यालयों में तत्काल कार्यभार ग्रहण करें ताकि विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी स्थिति में कोई विद्यालय शिक्षकविहीन नहीं छोड़ा जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक विद्यालय में कम से कम एक शिक्षक कार्यरत रहे और छात्रों की पढ़ाई में बाधा न आए। इसलिए जहां भी स्थानांतरण के कारण विद्यालय एकल या रिक्त हो गए, वहां के आदेश निरस्त कर दिए गए हैं। इस निर्दे...

सुल्तानपुर BSA का आदेश: स्थानांतरण के बाद कोई भी विद्यालय शिक्षक विहीन न रहे

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 सुल्तानपुर, 22 सितम्बर 2025 – जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) सुल्तानपुर ने आदेश जारी कर कहा है कि स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी विद्यालय में शिक्षक विहीन स्थिति न बने।             आदेश की मुख्य बातें स्थानांतरित शिक्षकों की कार्यमुक्ति व कार्यभार ग्रहण प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। सत्यापन में पाया गया कि कुछ विद्यालयों में स्थानांतरण के बाद एकमात्र शिक्षक अनुपस्थित हो गए। ऐसे विद्यालयों में तुरंत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए के निर्देश BSA ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि – किसी भी विद्यालय में अध्यापन कार्य प्रभावित न हो। यदि विद्यालय में केवल एक ही शिक्षक का स्थानांतरण हुआ है तो उसे तत्काल मूल विद्यालय में वापस भेजा जाए। नए विद्यालयों में सभी शिक्षकों का कार्यभार समय पर ग्रहण होना चाहिए। प्रतिलिपि भेजी गई आदेश की प्रतिलिपि महानिदेशक स्कूल शिक्षा, जिलाधिकारी सुल्तानपुर, मुख्य विकास अधिकारी, शिक्षा निदेशक बेसिक, सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज व DIET प्राचार...

Big ब्रेकिंग न्यूज़: टीईटी प्रकरण पर यूपी सरकार करेगी सुप्रीम कोर्ट में रिवीजन

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि टीईटी (Teacher Eligibility Test) अनिवार्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में रिवीजन दाखिल किया जाए। मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रदेश के शिक्षक अनुभवी और प्रशिक्षित हैं। उनकी योग्यता और वर्षों की सेवा को नजरअंदाज करना उचित नहीं होगा। 👉 सीएम का यह बयान उन लाखों शिक्षकों के लिए राहत की खबर है जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद असमंजस में थे। 📸 Official Screenshot: CM Office GoUP (Twitter/X) --- क्या है मामला? 1 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षक तभी सेवा में बने रह सकेंगे और पदोन्नति पा सकेंगे, जब वे टीईटी पास करेंगे। इस फैसले से प्रदेश के लाखों शिक्षक प्रभावित हुए हैं। ---शिक्षकों को राहत की उम्मीद सीएम योगी के इस निर्णय से अब शिक्षकों को उम्मीद जगी है कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखेगी और पहले से कार्यरत शिक्षकों को राहत दिलाने की कोशिश करेगी।

TET आदेश के बाद शिक्षकों के सामने विकल्प और उम्मीदें जिससे कुछ राहत की उम्मीद है

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 📌 सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश ने देशभर के शिक्षकों में हलचल मचा दी है। आदेश में कहा गया है कि अब सभी सेवारत व भावी शिक्षक के लिए TET (Teacher Eligibility Test) पास करना अनिवार्य होगा।--- ⚖️ आदेश की मुख्य बातें सभी शिक्षकों को TET पास करना होगा। जिन शिक्षकों की सेवा अवधि (रिटायरमेंट तक) 5 वर्ष से कम बची है, उन्हें तुरंत से बाहर नहीं किया जाएगा। ये आदेश पूर्णतया व्यावहारिक नहीं है। इतनी साल सर्विस करने के बाद शिक्षकों के साथ ये सब होना बिल्कुल भी उचित नहीं है। राज्यों को आदेश लागू करने से पहले उचित व्यवस्था बनाने का समय दिया गया है।--- ✍️ शिक्षकों के सामने विकल्प 1. Review Petition / पुनर्विचार याचिका राज्य सरकारें और शिक्षक संगठन सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर सकते हैं। मांग यह होगी कि पुराने शिक्षकों पर नए नियम पिछली तारीख से लागू करना न्यायसंगत नहीं है। 2. विशेष TET या राहत परीक्षा संगठन सरकार से मांग कर सकते हैं कि पुराने शिक्षकों के लिए अलग परीक्षा या आसान व्यवस्था बने। परीक्षा का सिलेबस हल्का हो, आवेदन प्रक्रिया सरल हो। 3. केंद्र सरकार से हस्तक्षेप राज्य सरकारें...