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सीतापुर बीएसए विवाद: प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा को जिला अदालत से जमानत, जांच अब भी जारी

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सीतापुर बीएसए बेल्ट विवाद: प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा को जिला अदालत से जमानत, जांच अभी भी जारी सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जनपद में बीएसए कार्यालय में हुए चर्चित बेल्ट विवाद मामले में बड़ी खबर सामने आई है। इस मामले में गिरफ्तार प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा को जिला अदालत ने जमानत दे दी है। अदालत ने दो-दो ₹50,000 के निजी मुचलके और गारंटर की शर्त पर यह राहत प्रदान की है। जमानत आदेश जारी होने के बाद रिहाई की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है, लेकिन जेल प्रशासन को आदेश की प्रति पहुंचने के बाद ही रिहाई संभव होगी। पुलिस ने इससे पहले बृजेंद्र वर्मा को उस वायरल वीडियो के आधार पर गिरफ्तार किया था, जिसमें उन्हें बीएसए पर बेल्ट से हमला करते हुए देखा गया था। क्या है पूरा मामला? 23 सितंबर को सीतापुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) अखिलेश प्रताप सिंह और प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा के बीच विवाद हुआ था। जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक महिला शिक्षिका अवंतिका गुप्ता की उपस्थिति और अवकाश को लेकर हुई थी। बीएसए ने प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकर...

“UP में बीएड पास शिक्षकों को कराया जाएगा ब्रिज कोर्स | 6 माह का ऑनलाइन प्रशिक्षण”

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प्रदेश में बीएड पास शिक्षकों को कराया जाएगा ब्रिज कोर्स, बेसिक शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश लखनऊ: उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने घोषणा की है कि ऐसे सभी शिक्षकों को छह माह का ब्रिज कोर्स कराया जाएगा। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के माध्यम से ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विभाग के उप सचिव आनंद कुमार सिंह द्वारा आदेश जारी किया गया है। आदेश में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुपालन में यह कोर्स आयोजित होगा। प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत बीएड धारक शिक्षकों को छह महीने का अनिवार्य प्राइमरी टीचर एजुकेशन ब्रिज कोर्स पूरा करना होगा। विभाग ने बताया है कि बीएड योग्यता के आधार पर कार्यरत शिक्षक 15 नवंबर तक आवेदन कर सकेंगे। प्रशिक्षण का पहला चरण दिसंबर 2025 से प्रारंभ होकर 30 मई 2026 तक चलेगा। इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश और टाइम टेबल एनआईओएस की वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे। बेसिक शिक्षा निदेशक को न...

Bihar Police SI Online Form 2025 शुरू — आवेदन तिथि, शुल्क और अन्य जरूरी जानकारी

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बिहार पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती 2025 : आवेदन शुरू, जानिए पूरी जानकारी पटना। बिहार पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती 2025 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि 26 सितंबर 2025 से 26 अक्टूबर 2025 तक निर्धारित की है। इच्छुक अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन कर सकते हैं। 📅 महत्वपूर्ण तिथियाँ (Important Dates) ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ तिथि : 26 सितंबर 2025 आवेदन की अंतिम तिथि : 26 अक्टूबर 2025 शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि : 26 अक्टूबर 2025 परीक्षा तिथि : जल्द जारी की जाएगी एडमिट कार्ड : परीक्षा से पहले परिणाम : जल्द घोषित किया जाएगा 💰 आवेदन शुल्क (Application Fee) सभी अभ्यर्थियों के लिए शुल्क : ₹100/- भुगतान का माध्यम: डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, IMPS, मोबाइल वॉलेट आदि के माध्यम से। 📋 महत्वपूर्ण निर्देश (Important Instructions) सभी उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन करने से पहले आधिकारिक अधिसूचना ध्यानपूर्वक पढ़ें। आवेदन केवल BPSSC की...

यूपी में सरप्लस शिक्षकों के समायोजन पर संशय, विभागीय समीक्षा जारी

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यूपी में सरप्लस शिक्षकों के समायोजन पर संशय — विभागीय समीक्षा जारी यूपी में सरप्लस शिक्षकों के समायोजन पर संशय; विभागीय समीक्षा जारी लखनऊ — स्थिति स्पष्ट होने तक आधिकारिक आदेश का इंतज़ार बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जून 2025 में किए गए सरप्लस शिक्षकों के समायोजन को लेकर हाल-फिलहाल चर्चाएँ तेज हैं। मिली जानकारी के अनुसार विभाग ने कुछ जिलों में समायोजन मामलों की समीक्षा आरंभ की है, परन्तु अभी तक कोई राज्य-स्तरीय आधिकारिक रद्दीकरण या समग्र आदेश प्रकाशित नहीं हुआ है। पिछली प्रक्रिया (जून 2025): समायोजन का उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षक-छात्र अनुपात का संतुलन करना था। उस समय कई शिक्षकों को नए विद्यालयों में स्थानांतरित किया गया था और कुछ ने वहाँ जुलाई में ही कार्यभार ग्रहण कर लिया था। शिक्षक समुदाय में असमंजस समीक्षा की खबरों के बाद कई शिक्षकों में अनिश्चितता व्याप्त है। कुछ शिक्षकों ने परिवार समेत नई जगह पर बसना आरंभ कर दिया है और उनके बच्चों का दाखिला नज़दीकी स्कूलों में करवा दिया गया है। ऐसे में अ...

स्कूलों में लाल स्याही प्रयोग पर कड़ा निर्देश, केवल नीली/काली स्याही मान्य

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मेरठ: स्कूलों में लाल स्याही पर रोक, केवल नीली/काली स्याही मान्य मेरठ: स्कूलों में लाल स्याही पर रोक, केवल नीली/काली स्याही मान्य मेरठ। संयुक्त शिक्षा निदेशक (प्रथम मण्डल) ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि जनपद के सभी विद्यालयों में शिक्षक और प्रधानाचार्य मूल्यांकन कार्य को छोड़कर लाल स्याही का उपयोग नहीं करेंगे। सामान्य कार्यों के लिए केवल नीली या काली स्याही वाले पेन मान्य हैं। शिकायत के आधार पर कार्रवाई ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायत संख्या 40014025041463 के आधार पर जांच कराई गई। रिपोर्ट में कुछ विद्यालयों में लाल स्याही के उपयोग की पुष्टि हुई, जिसके बाद यह निर्देश जारी किया गया। आदेश के मुख्य बिंदु कॉपी जांच जैसे मूल्यांकन कार्य को छोड़कर लाल स्याही का उपयोग प्रतिबंधित। शिक्षक/प्रधानाचार्य रोज़मर्रा के सभी दस्तावेज़ों में सिर्फ नीली या काली स्याही का प्रयोग करें। निर्देशों का उल्लंघन होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई संभव। सभी विद्यालयों को अनुपालन के निर्देश माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों/प्रधानाध्यापकों को आद...

चंदौली में 4 अक्टूबर को सभी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय बंद रहेंगे

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चंदौली में 4 अक्टूबर को सभी विद्यालय बंद रहेंगे चंदौली में 4 अक्टूबर को सभी विद्यालय बंद रहेंगे चंदौली। जिला अधिकारी द्वारा जारी आदेश के आधार पर लगातार हो रही वर्षा और जलभराव की स्थिति को देखते हुए जनपद के सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को एक दिन के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, चंदौली ने बताया कि वर्षा व अतिवृष्टि की संभावना को ध्यान में रखते हुए 04 अक्टूबर 2025 (शनिवार) को सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त एवं निजी विद्यालय कक्षा 1 से 8 तक के लिए बंद रहेंगे। आदेश का पालन अनिवार्य बीएसए चंदौली ने कहा कि विद्यालयों के प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक को निर्देशित किया जाता है कि वे इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। जानकारी का प्रसार इस आदेश की प्रति सभी संबंधित अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों तथा मीडिया प्रतिनिधियों को प्रेषित कर दी गई है। साथ ही समाचार पत्रों से इसे जनहित में प्रकाशित करने का अनुरोध किया गया है। 👉 इसका सीधा असर जिले के लाखों बच्चों की पढ़ाई पर पड़ेगा, लेकिन सुरक्ष...

यूपी मौसम अलर्ट : इन जनपदों में भारी बारिश और तेज़ हवाओं की चेतावनी जारी

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यूपी मौसम अलर्ट : भारी बारिश और तेज़ हवाओं की चेतावनी यूपी मौसम अलर्ट : भारी बारिश और तेज़ हवाओं की चेतावनी जारी लखनऊ। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ ने आगामी 24 घंटों के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा तथा तेज़ हवाओं की चेतावनी जारी की है। बुलेटिन के अनुसार अलर्ट अवधि 03 अक्टूबर 0830 IST से 04 अक्टूबर 0830 IST तक है। कहां-कहां अलर्ट है? विभाग ने विशेष तौर पर चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्ज़ापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर और अयोध्या जिलों के लिए चेतावनी दी है। इन क्षेत्रों में हवाओं की गति 40–50 किमी/घंटा तक पहुँचने की संभावना जताई गई है। मेघगर्जन और बिजली गिरने की संभावना कुछ जिलों में मेघगर्जन (थंडरस्टॉर्म) और वज्रपात की भी आशंका है। ऐसी स्थिति में विभाग ने लोगों से खुले स्थानों पर न रहने और सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की सलाह दी है। भारी वर्षा सूचीबद्ध जिले मौसम निदेशालय के निर्देशानुसार बलिया, मऊ, देवरिया, आज़मगढ़, गोरखपुर, गोंडा, बस्ती, महाराजगंज, बाराबंकी, सुल्ता...

सुप्रीम कोर्ट में टीईटी अनिवार्यता पर विवाद, तमिलनाडु सरकार ने दी चुनौती

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  देशभर के लाखों शिक्षकों के लिए राहत और चिंता दोनों साथ लेकर आया है सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला। अदालत ने आदेश दिया है कि जिन शिक्षकों की सेवा अवधि पाँच वर्ष से अधिक हो चुकी है, उन्हें दो साल के भीतर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अनिवार्य होगा। इसी आदेश को चुनौती देते हुए तमिलनाडु सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुँची है। शिक्षा व्यवस्था पर संभावित असर राज्य सरकार का कहना है कि वर्तमान में सरकारी स्कूलों में लगभग 4.5 लाख शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें से करीब 3.9 लाख अभी तक TET उत्तीर्ण नहीं कर पाए हैं। यदि यह शर्त तत्काल लागू होती है तो लाखों बच्चों की पढ़ाई बाधित होगी और पूरी शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। सरकार का तर्क है कि यह स्थिति शिक्षा का अधिकार अधिनियम के उद्देश्य को भी प्रभावित कर सकती है। पुराने शिक्षकों पर अनिवार्यता अनुचित? याचिका में कहा गया है कि पहले से नियुक्त शिक्षकों को अचानक परीक्षा की बाध्यता में लाना उचित नहीं है। इसके स्थान पर इन-सर्विस ट्रेनिंग, डिप्लोमा कोर्स या रिफ्रेशर प्रोग्राम जैसे विकल्प उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इससे शिक्षक...

टीईटी अनिवार्यता पर सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार का अनुरोध, शिक्षकों को राहत की उम्मीद

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 नई दिल्ली। अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने सुप्रीम कोर्ट से शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को लेकर पुनर्विचार की गुहार लगाई है। संगठन का कहना है कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति 23 अगस्त 2010 से पहले हुई थी, उनके लिए नई अनिवार्यता लागू नहीं होनी चाहिए।                   Source- दैनिक जागरण अखबार शिक्षक संघ का तर्क है कि RTE कानून लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को बिना TET के भी मान्यता मिली थी। ऐसे में उन्हें नई शर्तों से बाहर रखा जाए। याचिका में कहा गया कि 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों की संख्या लाखों में है और वे वर्षों से सेवा दे रहे हैं। यदि उन पर TET की अनिवार्यता थोप दी जाती है तो उनके जीवनयापन और अधिकार प्रभावित होंगे। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जाए और पुराने नियुक्त शिक्षकों को राहत दी जाए। Source- jagran dainik akhbar 

उत्तर प्रदेश: अब शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों को भी मिलेगा 6 माह का प्रसूति अवकाश

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 उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के हित में एक अहम निर्णय लिया है। अब राज्य में कार्यरत महिला शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों को भी 6 माह (180 दिन) का प्रसूति अवकाश उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पहले यह सुविधा केवल नियमित महिला शिक्षकों तक सीमित थी। लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद अब बड़ी संख्या में शिक्षिकाओं को लाभ मिलेगा। निर्णय के अनुसार, प्रसूति अवकाश के दौरान पात्र शिक्षिकाओं को भत्ते का भुगतान भी किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे महिला कर्मियों को परिवार और कार्य के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।               राज्यभर की शिक्षिकाओं में इस फैसले को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी पहल है।