सीतापुर बीएसए विवाद: प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा को जिला अदालत से जमानत, जांच अब भी जारी
सीतापुर बीएसए बेल्ट विवाद: प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा को जिला अदालत से जमानत, जांच अभी भी जारी
सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जनपद में बीएसए कार्यालय में हुए चर्चित बेल्ट विवाद मामले में बड़ी खबर सामने आई है। इस मामले में गिरफ्तार प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा को जिला अदालत ने जमानत दे दी है। अदालत ने दो-दो ₹50,000 के निजी मुचलके और गारंटर की शर्त पर यह राहत प्रदान की है।
जमानत आदेश जारी होने के बाद रिहाई की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है, लेकिन जेल प्रशासन को आदेश की प्रति पहुंचने के बाद ही रिहाई संभव होगी। पुलिस ने इससे पहले बृजेंद्र वर्मा को उस वायरल वीडियो के आधार पर गिरफ्तार किया था, जिसमें उन्हें बीएसए पर बेल्ट से हमला करते हुए देखा गया था।
क्या है पूरा मामला?
23 सितंबर को सीतापुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) अखिलेश प्रताप सिंह और प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा के बीच विवाद हुआ था। जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक महिला शिक्षिका अवंतिका गुप्ता की उपस्थिति और अवकाश को लेकर हुई थी। बीएसए ने प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा, जिस पर दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई।
बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान प्रधानाध्यापक ने गुस्से में आकर बेल्ट निकाल ली और बीएसए पर हमला कर दिया। यह पूरा घटनाक्रम बीएसए कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार कर लिया।
किसी अधिकारी को निलंबित नहीं किया गया
विवाद के बाद कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि बीएसए को निलंबित किया गया है, लेकिन जिला प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की है। बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह फिलहाल अपने पद पर कार्यरत हैं और विभागीय जांच में सहयोग कर रहे हैं।
वहीं, महिला शिक्षिका अवंतिका गुप्ता को प्राथमिक जांच में निलंबित किया गया है। शासन स्तर पर तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है जो पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर रही है।
अदालत में क्या हुआ?
जिला जज की अदालत में पेशी के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि घटना अचानक हुई और जानलेवा हमले का कोई उद्देश्य नहीं था। अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध किया, लेकिन अदालत ने सभी तथ्यों को देखते हुए बृजेंद्र वर्मा को जमानत दे दी। वकील के अनुसार, अदालत ने कहा कि आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग करना होगा और सबूतों को प्रभावित नहीं करना चाहिए।
अब बृजेंद्र वर्मा की रिहाई का आदेश शर्तों की पूर्ति के बाद जेल प्रशासन को भेजा जाएगा। विभागीय स्तर पर जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
विभागीय जांच जारी
सीतापुर के एडी बेसिक शिक्षा अधिकारी की देखरेख में गठित तीन सदस्यीय कमेटी वीडियो फुटेज, गवाहों और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया में है। बीएसए और प्रधानाध्यापक दोनों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। विभाग का कहना है कि रिपोर्ट पूरी होने के बाद शासन को भेजी जाएगी।
स्रोत: NDTV, Times of India, Free Press Journal, Amar Ujala, PTI रिपोर्ट
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Disclaimer: यह रिपोर्ट मीडिया स्रोतों और न्यायालयीय दस्तावेजों पर आधारित है। किसी भी आधिकारिक परिवर्तन की पुष्टि के लिए शिक्षा विभाग या जिला न्यायालय से सत्यापन करें।
सीतापुर बीएसए बेल्ट विवाद: प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा को जिला अदालत से जमानत, जांच अभी भी जारी
सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जनपद में बीएसए कार्यालय में हुए चर्चित बेल्ट विवाद मामले में बड़ी खबर सामने आई है। इस मामले में गिरफ्तार प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा को जिला अदालत ने जमानत दे दी है। अदालत ने दो-दो ₹50,000 के निजी मुचलके और गारंटर की शर्त पर यह राहत प्रदान की है।
जमानत आदेश जारी होने के बाद रिहाई की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है, लेकिन जेल प्रशासन को आदेश की प्रति पहुंचने के बाद ही रिहाई संभव होगी। पुलिस ने इससे पहले बृजेंद्र वर्मा को उस वायरल वीडियो के आधार पर गिरफ्तार किया था, जिसमें उन्हें बीएसए पर बेल्ट से हमला करते हुए देखा गया था।
क्या है पूरा मामला?
23 सितंबर को सीतापुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) अखिलेश प्रताप सिंह और प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा के बीच विवाद हुआ था। जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक महिला शिक्षिका अवंतिका गुप्ता की उपस्थिति और अवकाश को लेकर हुई थी। बीएसए ने प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा, जिस पर दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई।
बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान प्रधानाध्यापक ने गुस्से में आकर बेल्ट निकाल ली और बीएसए पर हमला कर दिया। यह पूरा घटनाक्रम बीएसए कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार कर लिया।
किसी अधिकारी को निलंबित नहीं किया गया
विवाद के बाद कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि बीएसए को निलंबित किया गया है, लेकिन जिला प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की है। बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह फिलहाल अपने पद पर कार्यरत हैं और विभागीय जांच में सहयोग कर रहे हैं।
वहीं, महिला शिक्षिका अवंतिका गुप्ता को प्राथमिक जांच में निलंबित किया गया है। शासन स्तर पर तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है जो पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर रही है।
अदालत में क्या हुआ?
जिला जज की अदालत में पेशी के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि घटना अचानक हुई और जानलेवा हमले का कोई उद्देश्य नहीं था। अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध किया, लेकिन अदालत ने सभी तथ्यों को देखते हुए बृजेंद्र वर्मा को जमानत दे दी। वकील के अनुसार, अदालत ने कहा कि आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग करना होगा और सबूतों को प्रभावित नहीं करना चाहिए।
अब बृजेंद्र वर्मा की रिहाई का आदेश शर्तों की पूर्ति के बाद जेल प्रशासन को भेजा जाएगा। विभागीय स्तर पर जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
विभागीय जांच जारी
सीतापुर के एडी बेसिक शिक्षा अधिकारी की देखरेख में गठित तीन सदस्यीय कमेटी वीडियो फुटेज, गवाहों और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया में है। बीएसए और प्रधानाध्यापक दोनों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। विभाग का कहना है कि रिपोर्ट पूरी होने के बाद शासन को भेजी जाएगी।
स्रोत: NDTV, Times of India, Free Press Journal, Amar Ujala, PTI रिपोर्ट
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Disclaimer: यह रिपोर्ट मीडिया स्रोतों और न्यायालयीय दस्तावेजों पर आधारित है। किसी भी आधिकारिक परिवर्तन की पुष्टि के लिए शिक्षा विभाग या जिला न्यायालय से सत्यापन करें।

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