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ऑनलाइन उपस्थिति पर सरकार की तेजी, लेकिन शिक्षकों की समस्याओं पर चुप्पी — क्या मंशा प्रताड़ित करने की है?

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ऑनलाइन उपस्थिति पर सरकार की तेजी, लेकिन शिक्षकों की समस्याओं पर चुप्पी — क्या मंशा प्रताड़ित करने की है? ऑनलाइन उपस्थिति पर सरकार की तेजी, लेकिन शिक्षकों की समस्याओं पर चुप्पी — क्या मंशा प्रताड़ित करने की है? समाचार प्रकाशित: 10 November 2025 | Last updated: 10 November 2025 राज्य सरकार ने शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली (Online Attendance System) को लागू करने का निर्णय बेहद तेजी से लिया है। इसके लिए न सिर्फ आदेश जारी किए गए, बल्कि इसे लागू करने हेतु एक विशेष समिति भी गठित कर दी गई है। लेकिन शिक्षकों के बीच सवाल उठ रहा है कि सरकार न्यायालय के अन्य आदेशों को लेकर इतनी तत्पर क्यों नहीं है? न्यायालय के आदेश और अनसुनी मांगें न्यायालय ने पहले कई बार यह निर्देश दिए हैं कि शिक्षकों को बीएलओ (BLO) और निर्वाचन कार्यों से मुक्त किया जाए। साथ ही, यह भी कहा गया है कि प्रभारी प्रधानाध्यापक को प्रधानाध्यापक के समान वेतन दिया जाए। मगर इन निर्णयों पर अमल करने मे...

शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति के लिए समिति बनी, लेकिन अंतरजनपदीय स्थानांतरण अब भी अधर में

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ऑनलाइन उपस्थिति की तैयारी, लेकिन अंतरजनपदीय स्थानांतरण अब भी अधर में ऑनलाइन उपस्थिति की तैयारी, लेकिन अंतरजनपदीय स्थानांतरण अब भी अधर में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति (Online Attendance System) लागू कराने के लिए समिति गठित कर दी है और 15 दिनों में प्रस्ताव मांगा है। दूसरी ओर, हज़ारों शिक्षक वर्षों से लंबित अंतरजनपदीय स्थानांतरण का इंतज़ार कर रहे हैं। शिक्षक संगठनों का आरोप है कि शासन निगरानी बढ़ाने में तत्पर है, पर जमीनी समस्याओं —जैसे स्थानांतरण, स्टाफ की कमी और आधारभूत सुविधाएँ—को लगातार टाला जा रहा है। शिक्षकों की आपत्ति: नियंत्रण बढ़ा, समाधान नहीं संगठनों का कहना है कि कई पोर्टलों पर उपस्थिति/डाटा-फीडिंग का बोझ पहले से है। नई ऑनलाइन प्रणाली से कक्षा-शिक्षण के लिए वास्तविक समय और घटेगा। दूर-दराज़ जिलों में तैनात शिक्षक बताते हैं कि स्थानांतरण न होने से परिवारिक और सामाजिक कठिना...