“समायोजन के तहत नियुक्तियों पर याचिका दाखिल किया गया जिसकी सुनवाई आने वाले दिनों में होगी
1. समायोजन का शासनादेश/आदेश निरस्त किया जाए, क्योंकि यह बिना TET उत्तीर्ण किए नियुक्ति प्रदान कर शिक्षा नीति और योग्यता के मूल मानकों का उल्लंघन करता है।
मेरा मानना है सरकार ने प्रमोशन नहीं करने के लिए ये कदम उठाया जो कि नियम संगत कतई नहीं था।
2. समायोजन सूची निरस्त की जाए, ताकि अनियमितताओं के आधार पर की गई नियुक्तियों को समाप्त कर प्रक्रिया को पुनः पारदर्शी और न्यायपूर्ण बनाया जा सके। और जो शिक्षक TET पास भी है जूनियर का उनको भी नए सिरे से प्रमोट किया जाए।
3. सरप्लस सूची निरस्त की जाए, क्योंकि यह नियमों का उल्लंघन करते हुए तैयार की गई है और इससे शिक्षा व्यवस्था में असंतुलन उत्पन्न हुआ है।क्योंकि पहले समायोजन में सब लोग सरप्लस थे और दूसरी म में कोई सरप्लस नहीं था हेडमास्टर।
4. समायोजित हेडमास्टर्स को उनके मूल पद पर पुनः नियुक्त किया जाए, जिससे विद्यालयों की प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था सुदृढ़ हो सके। कई विद्यालय एकल हो चुके है। या शिक्षकों की कमी हो गई है।
5. प्रत्येक विद्यालय में न्यूनतम पांच शिक्षक नियुक्त किए जाएँ, ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके। ऑनलाइन इतना ज्यादा काम रहता है इसलिए 1 हेडमास्टर तो जरूर रहे।
6. प्रत्येक विद्यालय में एक हेडमास्टर की नियुक्ति की जाए, ताकि विद्यालय का प्रशासनिक संचालन सुचारू रूप से चले और शिक्षण कार्य प्रभावित न हो।
7. सेवा नियमावली के नियम 5, 8 एवं 18 को असंवैधानिक घोषित किया जाए, क्योंकि ये नियम समानता, योग्यता आधारित नियुक्ति और शिक्षा के अधिकार के विरोधी हैं।
8. याचिका में शामिल याचियों की प्रोन्नति का आदेश दिया जाए, जिससे उन्हें उनके अनुभव, सेवा काल और योग्यता के आधार पर न्याय मिले और शिक्षा व्यवस्था में प्रेरणा एवं उत्साह का वातावरण बने।
जल्द से जल्द शिक्षकों का प्रमोशन किया जाए।
1. समायोजन का शासनादेश/आदेश निरस्त किया जाए, क्योंकि यह बिना TET उत्तीर्ण किए नियुक्ति प्रदान कर शिक्षा नीति और योग्यता के मूल मानकों का उल्लंघन करता है।
मेरा मानना है सरकार ने प्रमोशन नहीं करने के लिए ये कदम उठाया जो कि नियम संगत कतई नहीं था।
2. समायोजन सूची निरस्त की जाए, ताकि अनियमितताओं के आधार पर की गई नियुक्तियों को समाप्त कर प्रक्रिया को पुनः पारदर्शी और न्यायपूर्ण बनाया जा सके। और जो शिक्षक TET पास भी है जूनियर का उनको भी नए सिरे से प्रमोट किया जाए।
3. सरप्लस सूची निरस्त की जाए, क्योंकि यह नियमों का उल्लंघन करते हुए तैयार की गई है और इससे शिक्षा व्यवस्था में असंतुलन उत्पन्न हुआ है।क्योंकि पहले समायोजन में सब लोग सरप्लस थे और दूसरी म में कोई सरप्लस नहीं था हेडमास्टर।
4. समायोजित हेडमास्टर्स को उनके मूल पद पर पुनः नियुक्त किया जाए, जिससे विद्यालयों की प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था सुदृढ़ हो सके। कई विद्यालय एकल हो चुके है। या शिक्षकों की कमी हो गई है।
5. प्रत्येक विद्यालय में न्यूनतम पांच शिक्षक नियुक्त किए जाएँ, ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके। ऑनलाइन इतना ज्यादा काम रहता है इसलिए 1 हेडमास्टर तो जरूर रहे।
6. प्रत्येक विद्यालय में एक हेडमास्टर की नियुक्ति की जाए, ताकि विद्यालय का प्रशासनिक संचालन सुचारू रूप से चले और शिक्षण कार्य प्रभावित न हो।
7. सेवा नियमावली के नियम 5, 8 एवं 18 को असंवैधानिक घोषित किया जाए, क्योंकि ये नियम समानता, योग्यता आधारित नियुक्ति और शिक्षा के अधिकार के विरोधी हैं।
8. याचिका में शामिल याचियों की प्रोन्नति का आदेश दिया जाए, जिससे उन्हें उनके अनुभव, सेवा काल और योग्यता के आधार पर न्याय मिले और शिक्षा व्यवस्था में प्रेरणा एवं उत्साह का वातावरण बने।
जल्द से जल्द शिक्षकों का प्रमोशन किया जाए।
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